What is Digital Signature in Hindi | डिजिटल सिग्नेचर क्या है तथा कैसे बनाये

By | June 14, 2021

आज हम Digital Signature के विषय मे बात करने वाले हैं। इस पोस्ट के माध्यम से, डिजिटल सिग्नेचर क्या है (What is Digital Signature in Hindi), डिजिटल सर्टिफिकेट क्या है, डिजिटल सिग्नेचर कैसे बनाये, यह कैसे काम करता है व Digital Signature के क्या फायदे है, आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे, तो आइये हम जानते है, Digital Signature Kya Hai.

digital signature kya hai

What is Digital Signature in Hindi?

वर्तमान समय डिजिटल युग है ऐसे में सभी चीजें डिजिटली होने लगा हैं। आप सभी डिजिटल युग में जी रहे है ऐसे के इंटरनेट के बारे में जानते व समझते है साथ ही आप लोग यह जानते हैं कि Signature क्या होता है। समय के साथ जमाना बदल रहा है उसके साथ ही सिग्नेचर करने की परम्परा भी बदलने लगी है ऐसे में यदि आपको कोई भी काम की आ आवश्यकता पड़ता हैं तब आपको किसी भी डॉक्युमेंट्स में सिग्नेचर करना पड़ता हैं, इससे यह अनुमान लगा सकते हैं कि हस्ताक्षर के बिना आज के समय मे कुछ भी सम्भव नही हैं।

डिजिटल सिग्नेचर क्या है (What is Digital Signature in Hindi)

डिजिटल सिग्नेचर एक तरह का गणितीय तकनीक (Mathemtical Technics) है, जिसके माध्यम से किसी भी महत्वपूर्ण डिजिटल डॉक्यूमेंट, मैसेज या फिर सॉफ्टवेयर की प्रामाणिकता की पुष्टि की जाती हैं।

आपको जब भी कोई आवेदन जमा करना होता है तब आप अपना हस्ताक्षर करके दस्तावेज की सम्पूर्ण जानकारी का पुष्टि करते है व आवेदन को जमा करते है। उसी तरह यदि आपको Electronic Document, किसी सर्टिफिकेट या कोई मैसेज आदि ऑनलाइन जमा करना होता है तब आपको अपना पहचान का वेरीफाई करना पड़ता हैं या फिर पुष्टि करना पड़ता हैं तब आपको ऐसे स्थिति में Digital Signature का उपयोग करना पड़ता हैं।

यह एक Secure Digital Key पर आधारित होता है जिसमें आपकी सम्पूर्ण जानकारी जैसे- आपका नाम, पता, एड्रेस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, जन्मतिथि व हस्ताक्षर आदि जानकारी मौजूद होता हैं, यह पूरी तरह सुरक्षित होता हैं किसी तरह का डेटा चोरी होने की सम्भावना नही होता है। साथ ही यदि आप बिजनेस करते है तब आप Secure Digital Key में डिजिटल सिग्नेचर करने के लिए आपके बिजनेस के बारे में सम्पूर्ण जानकारी होना चाहिए।

आप एक बार डिजिटल सिग्नेचर बनवा लेने के बाद इसका लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं कर सकते है, क्योंकि इसकी एक निश्चित समय सीमा होती हैं, 2 या 3 वर्ष तक उसके पश्चात डिजिटल सिग्नेचर को रिन्यूवल कराना पड़ता है। डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग अधिकतर ई-टिकटिंग, ई-कॉमर्स, ई-फाइलिंग, सर्विस टैक्स रिटर्न, ऑनलाइन बैंकिंग, सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूशन, वित्तीय लेनदेन और भी इत्यादि कामों के लिये किया हैं।

डिजिटल सिग्नेचर के प्रकार (Type of Digital Signature Certificate in Hindi)

DSC का फुलफॉर्म Digital Signature Certificate होता है, जो वर्तमान समय मे तीन तरह के डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) होते है-

Class I DSC

यह किसी भी यूजर के लिए जारी हो किया जाता है इसमें यूजर की ईमेल और नाम आइडेंटिफिकेशन की पुष्टि होती है। इस क्लास का सिग्नेचर एक बेसिक लेवल की Security प्रदान करता है। यह ऐसे स्थिती में इस्तेमाल किया जाते है जहां पर डेटा नुकसान होने का खतरा कम होता हैं।

Class II DSC

यह बिजनेसमैन या फिर प्राइवेट संस्थाओं में काम करने वालों के लिए जारी होता है, इसके माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते है, साथ ही आप इस Digital Signature Certificate के द्वारा Online Government काम करा सकते है। इस क्लास का Digital Signature बनाने के लिए यूज़र की आवश्यक डॉक्यूमेंट जैसे- ईमेल, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड, आधार कार्ड, फ़ोटो आदि की जरूरत होती है। अक्सर इस प्रकार का डिजिटल हस्ताक्षर इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग के डॉक्यूमेंट के साथ इनकम टैक्स रिटर्न और सामानों, सर्विस टैक्स (GST) रिटर्न के लिए इस्तेमाल होता हैं। ये डिजिटल हस्ताक्षर ऐसे स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है जहां डेटा नुकसान होने का जोखिम मध्यम होते हैं।

Class III DSC

यह डिजिटल हस्ताक्षर का सबसे बड़ा स्तर है, क्योकि यह पूर्ण रूप से सबसे अधिक सुरक्षित होता है। इसके लिए डायरेक्ट Certified Authority (CA) से मिलकर आपको दस्तावेज की पुष्टि करना पड़ता है। इस डिजिटल हस्ताक्षर के लिए आवेदन कर रहे व्यक्ति या संगठन को अपनी पहचान साबित करने के लिए प्रमाणित प्राधिकारी (Registration Authority) के सामने उपस्थित होना पड़ता है। इस प्रकार के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल E-Commerce, E-Auctions, E-Tendering, E-Ticketing, कोर्ट फाइलिंग, फॉरेन ट्रेड और भी दूसरे कामों में किया जाता है। यह ऐसी स्थिति में इस्तेमाल होता है जहां डेटा के लिए खतरा या सुरक्षा विफलता के परिणाम बहुत अधिक होते है।

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डिजिटल सर्टिफिकेट क्या है (What is Digital Certificate in Hindi)

डिजिटल प्रमाणपत्र (Digital Certificate) को Public Key Certificate या Identity Certificate के नाम से भी जाना जाता हैं। यह एक इलेक्ट्रॉनिक “पासवर्ड” होता है जो किसी व्यक्ति, कंपनी या संस्था को Public Key Infrastructure (PKI) का इस्तेमाल करके इंटरनेट पर सुरक्षित तरीके से डाटा लेन-देन करने की अनुमति देता हैं।

Digital Certificate का प्रयोग End-User ब्राउज़र और वेबसाइट के बीच ऑनलाइन डेटा/सूचना संचार को Encrypt करने हेतु किया जाता हैं। इस डिजिटल सर्टिफिकेट के साथ इंटरनेट के जरिये कोई भी ट्रांजैक्शन या डॉक्युमेंट को सुरक्षित रूप से भेज सकते है। जिससे उसकी विश्वसनीयता बनती है। यह सर्टिफिकेट ये सुनिश्चित करता है कि अगर कोई डॉक्युमेंट एक बार डिजिटली साइन हो गया है तो फिर उसमें कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता।

डिजिटल सिग्नेचर कैसे बनता है?

भारत सरकार के धारा-17 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम मंत्रालय के अंतर्गत CCA (Controller of Certifying Authorities) काम करता हैं। ये डिजीटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) जारी करने के लिए Agency को Licence जारी करता है, जिसे Licensed Certifying Authorities (CA) कहते हैं। वर्तमान समय में सभी सरकारी या प्राइवेट काम ऑनलाइन होने लगा हैं, ऐसे में आप जब भी आवेदन करते है तब आपको Online Verification करना पड़ता है, इसलिए आज के समय मे Digital Signature की आवश्यकता पड़ती है।

यदि आपको अपना डिजिटल सिग्नेचर बनवाना है तब आपको Certified Authority से प्राप्त कर सकते है, Digital Signature बनाने के लिए सिर्फ Certified Authority के पास Licence होता हैं क्योंकि यह क्लाइंट के Personal Data Security का मामला होता हैं और Digital Signature को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखना होता है। Digital Signature एक तरह का इलेक्ट्रॉन पासवर्ड है, इसे Identification Certificate के नाम से भी जाना जाता हैं। आज के समय मे डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत सभी सेक्टर में पड़ने लगा है।

डिजिटल सिगनेचर बनवाने के लिये आवश्यक दस्तावेज

यदि आपको आपना डिजिटल सिग्नेचर बनवाना है तब आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, Birth Certificate, पासपोर्ट साइज फ़ोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर व बिजनेस लाइसेंस आदि की आवश्यकता पड़ती है तभी आपका डिजिटल सिग्नेचर बन पाएगा साथ ही आपको Digital Signature Company को रेजिस्ट्रेशन फीस देना पड़ेगा जिससे आपकी Personal Information सुरक्षित रहें।

डिजिटल सिग्नेचर कैसे बनाये तथा काम कैसे करता है (How to Make Digital Signature in Hindi)

Digital Signature Provider को एक Special Protocol का ध्यान रखना पड़ता है, जिससे क्लाइंट का पूरा डेटा सुरक्षित रहे, जहाँ डिजिटल सिग्नेचर सुरक्षित रहता है उसे Public Key Infrastructure कहते है। डिजिटल सिग्नेचर Public Key Cryptography पर आधारित होता है, जिसे Asymmetric Cryptography कहते है। ये Public Key अल्गोरिथम जैसे, RSA का इस्तेमाल करके दो तरह की Keys बनाता है, Private Key व Public key. Digital Signature Certificate ऑनलाइन हो रहे ट्रेंसक्शन में इन्फॉर्मेशन एक्सचेंज को उच्च लेवल का सिक्योरटी प्रदान करता हैं।

डिजिटल सिग्नेचर Public Key Cryptography की दो आपस में प्रमाणित (Authentication) क्रिप्टोग्राफ़िक कीज़ के द्वारा कार्य करते हैं। जो व्यक्ति डिजिटल हस्ताक्षर बनाता है वह हस्ताक्षर से संबंधित आवश्यक डॉक्यूमेंट डाटा को एन्क्रिप्ट करने के लिए एक Private Key का प्रयोग करता हैं और जब उस डाटा को डिक्रिप्ट करना होता हैं तो उसका एकमात्र तरीका हस्ताक्षरकर्ता की Public Key होती हैं। यदि आपके हस्ताक्षर की Private Key किसी और व्यक्ति के पास चली जाती हैं, तो वह व्यक्ति Private Key धारक के नाम पर नकली डिजिटल हस्ताक्षर बनाकर गलत कामों में इस्तेमाल कर सकता हैं।

ऑनलाइन डिजिटल सिग्नेचर के लिए आप Apps और Websites की मदद से बना सकते है। Digital Signature Certificate जारी होने में आवेदन करने के बाद लगभग एक दिन से एक सप्ताह तक का समय लग सकता हैं। डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट अप्लाई करने के लिए नीचे दी गई कुछ वेबसाइट हैं, जिसमें से किसी भी वेबसाइट पर जाकर निर्देशों का पालन (जैसे- फॉर्म भरना, डॉक्यूमेंट जमा करना, पेमेंट करना और सिग्नेचर डाउनलोड करना) करके DSC के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।

  • E-mudhra
  • Docsketch
  • Eversign
  • Adobe Sign
  • signNow
  • SignRequest
  • Digital Signature
  • IDRBT
  • Myeign
  • eSign PDF
  • CDAC
  • NIC

डिजिटल हस्ताक्षर के फायदे (Advantage of Digital Signature in Hindi)

वास्तव में देखा जाए तो आज के समय मे Digital Signature के बहुत सारे फायदे है, अलग अलग क्षेत्र में आज के समय मे इसका बहुत फायदा हैं, क्योंकि Digital Signatures होने में कम समय मे वेरिफिकेशन हो जाता हैं व आसानी से काम ऑनलाइन ही हो जाता है इससे सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटना भी नही पड़ता है। Digital Signature के कुछ महत्वपूर्ण फायदे निम्न है-

• Income Tax Return की E-Filling के लिए डिजिटल हस्ताक्षर की आवश्यकता पड़ती है।
• कंपनी की इन्फॉर्मेशन के लिए आज के समय मे E-Filling की आवश्यकता पड़ती हैं।
• ट्रेडमार्क व कॉपीराइट एप्पलीकेशन में आवेदन करने के लिए।
• एग्रीमेंट व कॉन्ट्रैक्ट के लिए Digital Signature की आवश्यकता पड़ती है।
• गवर्नमेंट टेंडर के लिए ऑनलाइन आवेदन करने हेतु।
• किसी भी ऑनलाइन फॉर्म भरने में डिजिटल सिग्नेचर की आवश्यकता पड़ती हैं।
• चार्टेड एकाउंटेंट द्वारा E-Attention जारी करने में सहायक होता हैं।
• जॉब के लिए ऑनलाइन रिज्यूम आवेदन करने पर उसकी वेरिफिकेशन डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से होता हैं।

निष्कर्ष:

हाँ तो दोस्तो हमे उम्मीद है की, Digital Signature क्या है (What is Digital Signature in Hindi) तथा डिजिटल सिग्नेचर के प्रकार और फायदे क्या है, आदि के बारे मे जानकारी शेयर की है। जैसा की इस ब्लॉग से पता चला होगा की इस डिजिटल युग मे, डिजिटल सिग्नेचर कितना महत्वपूर्ण और यह काम कैसे करता है। अगर आपको यह पोस्ट “डिजिटल सिग्नेचर क्या होता है” अच्छा लगा हो तो इसे अपने मित्रों, रिश्तेदारों और सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। आज की ये पोस्ट कैसी लगी हमे कमेंट बॉक्स मे बताएं, धन्यवाद!

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